चेक बाउंस (Cheque Bounce) क्या है?
आज कल चेक का चलन कम हो गया है क्योंकि लोग अब ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, और तरीको से लेंन देंन करना चालू कर दिए है लेकिन चेक पूरी तरह से चलन से बाहर नही हुआ है आज भी कई सारे लोग चेक का इस्तेमाल कर रहे है।
चलिए हम सबसे पहले यह जानते है कि चेक क्या है चेक बैंक के द्वारा दिया गया एक दस्तावेज है जो पैसे के लेनदेन में इस्तेमाल किया जाता है उदाहरण के तौर पर यदि मैं किसी भी व्यक्ति को पैसा देना चाहता हु तो मैं उस व्यक्ति को कैश में पैसा दे सकता हु या चेक दूंगा जिससे वह व्यक्ति बैंक में जा कर पैसा प्राप्त कर सकता है । यहा पर हमें अपने पास कैश रखने की जरूरत नही होती है।
कई बार ऐसा होता है कि कोई व्यक्ति चेक काट देता है लेकिन कुछ कारण बस चेक बैंक के पास (Clear) नही होता है। चेक पास न होने का कई कारण हो सकता है जैसे आप के बैंक खाता में पैसा न हो या कम हो, हस्ताक्षर में फर्क हो या जानबुझ कर आप ने चेक को रोकने के लिए बैंक को बोला हो । इन सब वजहों से चेक बाउंस हो सकता है,
बैंक पर लोगो का विश्वास बना रहे इस लिए भारत सरकार ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स ( NEGOTIABLE Instruments) जैसे कानून बनाया गया। इस कानून की जानकारी का होना आप को बहुत जरूरी है यदि आप को इस कानून की जानकारी नही है तो आप को सजा या जुर्माना का सामना करना पड़ सकता है। यहा पर आप को चेक बाउंस की पूरी जानकारी मिलेगी की चेक बाउंस क्या है? पेनाल्टी कितने की है? इससे बचने के उपाय क्या है?
Post Contents
1.चेक बाउंस (CHEQUE BOUNCE) का क्या है?2.चेक बाउंस के नियम (Rules of Cheque Bounce)
3.पेनालिटी (Penality)
4.चेक बाउंस केस में बचाव के उपाय
1.चलिए जानते है कि चेक बाउंस (Cheque Bounce) क्या होता है?
यदि मैं आप को किसी भी बैंक का चेक देता हूं और आप उस चेक को ले कर उस बैंक के पास जाते है और वह बैंक देखता है कि आप के बैंक खाता में उतना पैसा नही है जितना चेक में लिखा गया है। इस केस में बैंक मेरे चेक को बाउंस करार कर देती है। इसका मतलब यह है कि बैंक आप को पैसा देने से मन कर देता है। यह प्रक्रिया चेक बाउंस कहलाती है। चेक बाउंस होने पर चेक देंने वाले के ऊपर कानूनी कार्यवाही कर सकते है क्योंकि यह दंडनीय अपराध माना जाता है | इसमे सजा और जुर्माना का प्रावधान किया गया है।Suggested read:- 6 Tips to Improve Legal Drafting in hindi
2.चेक बाउंस के नियम ( RULES OF CHEQUE BOUNCE)
यदि चेक बाउंस होता है तो चेक देने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही किया जा सकता है चेक प्राप्त करने वाला व्यक्ति चेक देने वाले व्यक्ति के खिलाफ कोर्ट में अपील कर सकता है और कोर्ट यह आदेश दे सकता है कि चेक देने वाला व्यक्ति 20% पैसा तुरंत दे। शिकायत कर्ता को मुआबजे की राशि को ब्याज सहित 60 दिनों के अंदर देना होता है3.पेनालिटी (PENALTY)
कोर्ट में शिकायत करने के बाद यदि चेक को देने वाला दोषी करार किया जाता है, तो उसे नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के अनुसार, दो साल तक की सजा या चेक राशि का दोगुना जुर्माना देना होगा। बैंक भुगतानकर्ता और प्राप्तकर्ता दोनों पर असुविधा, अधिक कागजी कार्यवाही और बैंक के समय को बर्बाद करने के लिए जुर्माना लगा सकता है, इतना ही नही बैंक चाहे तो बैंक खाता बंद कर सकता है।Suggested read:- बाइक या कार चोरी होने पर क्या करे?
4.चेक बाउंस केस में बचाव के लिए क्या करे
यदि चेक बाउंस होता है तो बैंक आप को कारण सहित सूचित करता है जिसके बाद आप को
B. चेक बाउंस (Cheque Bounce) होने की वजह को बताए
C. अपनी गलती को मान ले और उससे बात करके केस करने से रोके
यह सब कर के चेक बाउंस (Cheque Bounce) के केस से बचा जा सकता है
महत्वपूर्ण बाते:
कोई भी चेक(cheque) जारी करने की तारीख से लेकर 3 महीने तक ही वैध होता है।
आप के लिए चेक बाउंस से संबंधित जानकारी दी गई है, यदि आप को इससे जुड़े किसी और पहलू को जानना चाहते है तो आप हमारे वेबसाइट www.belegals.com पर विजिट कर सकते है।
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Top 6 Career opportunities after completing of LL.B in hindiमहत्वपूर्ण बाते:
कोई भी चेक(cheque) जारी करने की तारीख से लेकर 3 महीने तक ही वैध होता है।
आप के लिए चेक बाउंस से संबंधित जानकारी दी गई है, यदि आप को इससे जुड़े किसी और पहलू को जानना चाहते है तो आप हमारे वेबसाइट www.belegals.com पर विजिट कर सकते है।
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