Law Gyata

Get Solution for Every Problem

Legal Tips लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Legal Tips लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 9 अगस्त 2020

चेक बाउंस क्या होता है? I Cheque Bounce होने पर क्या करें ?

अगस्त 09, 2020 0


चेक  बाउंस  (Cheque Bounce) क्या है?


आज कल चेक का चलन कम हो गया है क्योंकि लोग अब ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, और तरीको से लेंन देंन करना चालू कर दिए है लेकिन चेक पूरी तरह से चलन से बाहर नही हुआ है आज भी कई सारे लोग चेक का इस्तेमाल कर रहे है। 

चलिए हम सबसे पहले यह जानते है कि चेक क्या है चेक बैंक के द्वारा दिया गया एक दस्तावेज है जो पैसे के लेनदेन में इस्तेमाल किया जाता है उदाहरण के तौर पर यदि मैं किसी भी व्यक्ति को पैसा देना चाहता हु तो मैं उस व्यक्ति को कैश में पैसा दे सकता हु या चेक दूंगा जिससे वह व्यक्ति बैंक में जा कर पैसा प्राप्त कर सकता है । यहा पर हमें अपने पास कैश रखने की जरूरत नही होती है।

 कई बार ऐसा होता है कि कोई व्यक्ति चेक काट देता है लेकिन कुछ कारण बस चेक बैंक के  पास (Clear) नही होता है। चेक पास न होने का कई कारण हो सकता है जैसे आप के बैंक खाता में पैसा न हो या कम हो, हस्ताक्षर में फर्क हो या जानबुझ कर आप ने चेक को रोकने के लिए बैंक को बोला हो । इन सब वजहों से चेक बाउंस हो सकता है, 

बैंक पर लोगो का विश्वास बना रहे इस लिए भारत सरकार ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स ( NEGOTIABLE Instruments) जैसे कानून बनाया गया। इस कानून की जानकारी का होना आप को बहुत जरूरी है यदि आप को इस कानून की जानकारी नही है तो आप को सजा या जुर्माना का सामना करना पड़ सकता है। यहा पर आप को चेक बाउंस की पूरी जानकारी मिलेगी की चेक बाउंस क्या है? पेनाल्टी कितने की है? इससे बचने के उपाय क्या है?


chequebouncekyahai

Post Contents

1.चेक बाउंस (CHEQUE BOUNCE) का क्या है?
2.चेक बाउंस के नियम (Rules of Cheque Bounce)
3.पेनालिटी (Penality)
4.चेक बाउंस केस में बचाव के उपाय

1.चलिए जानते है कि चेक बाउंस  (Cheque Bounce) क्या होता है?

यदि मैं आप को किसी भी बैंक का चेक देता हूं और आप उस चेक को ले कर उस बैंक के पास जाते है और वह बैंक देखता है कि आप के बैंक खाता में उतना पैसा नही है जितना चेक में लिखा गया है। इस केस में बैंक मेरे चेक को बाउंस करार कर देती है। इसका मतलब यह है कि बैंक आप को पैसा देने से मन कर देता है। यह प्रक्रिया चेक बाउंस कहलाती है। चेक बाउंस होने पर चेक देंने वाले के ऊपर कानूनी कार्यवाही कर सकते है क्योंकि यह दंडनीय अपराध माना जाता है | इसमे सजा और जुर्माना का प्रावधान किया गया है।

Suggested read:- 6 Tips to Improve Legal Drafting in hindi

2.चेक बाउंस के नियम ( RULES OF CHEQUE BOUNCE)

यदि चेक बाउंस होता है तो चेक देने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही किया जा सकता है चेक प्राप्त करने वाला व्यक्ति चेक देने वाले व्यक्ति के खिलाफ कोर्ट में अपील कर सकता है और कोर्ट यह आदेश दे सकता है कि चेक देने वाला व्यक्ति 20% पैसा तुरंत दे। शिकायत कर्ता को मुआबजे की राशि को ब्याज सहित 60 दिनों के अंदर देना होता है

3.पेनालिटी (PENALTY)

कोर्ट में शिकायत करने के बाद यदि चेक को देने वाला दोषी करार किया जाता है, तो उसे नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के अनुसार, दो साल तक की सजा या चेक राशि का दोगुना जुर्माना देना होगा। बैंक भुगतानकर्ता और प्राप्तकर्ता दोनों पर असुविधा, अधिक कागजी कार्यवाही और बैंक के समय को बर्बाद करने के लिए जुर्माना लगा सकता है, इतना ही नही बैंक चाहे तो बैंक खाता बंद कर सकता है।

Suggested read:- बाइक या कार चोरी होने पर क्या करे?

4.चेक बाउंस केस में बचाव के लिए क्या करे

यदि चेक बाउंस होता है तो बैंक आप को कारण सहित सूचित करता है जिसके बाद आप को 

            A. उस व्यक्ति से बात करनी चाहिए जिसे आप ने चेक दिया है और उसे दूसरा चेक लेन के लिए बोले
            B. चेक बाउंस (Cheque Bounce) होने की वजह को बताए
            C. अपनी गलती को मान ले और उससे बात करके केस करने से रोके
यह सब कर के चेक बाउंस (Cheque Bounce) के केस से बचा जा सकता है


महत्वपूर्ण बाते:

कोई भी चेक(cheque) जारी करने की तारीख से लेकर 3 महीने तक ही वैध होता है।

आप के लिए चेक बाउंस से संबंधित जानकारी दी गई है, यदि आप को इससे जुड़े किसी और पहलू को जानना चाहते है तो आप हमारे वेबसाइट www.belegals.com पर विजिट कर सकते है।


Suggested read:  

    CAA/ CAB क्या है?

    Top 6 Career opportunities after completing of LL.B in hindi

     6 Tips to Improve Legal Drafting in hindi

     पुलिस के द्वारा गिरफ्तार व्यक्ति के अधिकार

     7 Tips for lawyer to reduce stress level and increase performance

     बाइक या कार चोरी होने पर क्या करे

    तलाक के मामलों में गुजारा भत्ता देने से पति कैसे बचें ?



बुधवार, 11 दिसंबर 2019

तलाक के मामलों में गुजारा भत्ता देने से पति कैसे बचें ?(How to avoid giveing maintenance to wife in fake case?)

दिसंबर 11, 2019 0

 How to avoid giveing maintenance to wife in fake case? तलाक के मामलों में गुजारा भत्ता देने से पति कैसे बचें ?
 


 देख भाल या रखरखाव  महत्वपूर्ण कारण है जो कि आपसी में लड़े गए तलाक के मामलों में होता है जिसमें जीविका के लिए पत्नी, एक पति पर दबाव डाल सकती है। जीवन यापन  के मामले में अदालत पत्नी का पक्ष लेती है। पति से मोटा पैसा या रकम प्राप्त करने के लिए कानून का गलत प्रयोग किया जाता हैं। देखभाल के लिए दिए जाने वाले भत्ते से बचने के लिए आप कुछ तरीको का प्रयोग कर सकते है लेकिन पूरी तरह से टाला नही जा सकता है। जबकि कुछ ऐसी परिस्थितियाँ है, जहाँ पर आप जीवन यापन के लिए दिए जाने वाले रकम से बच सकते है।तलाक के मामले में बचने के लिए कई सारे ऐसे तरीके है , जिसका उपयोग कर के आप दिए जाने वाले रकम को कम कर सकते है 

How to avoid give maintenance to wife in fake case


Post content
·         पत्नी के पास एक निश्चित आय का स्रोत है 
·         अपने आय और व्यय की सही जानकारी कोर्ट को दे कर
·         यदि पत्नी के पास  काम करने योग्य या योग्यता है
·         यदि पत्नी द्वारा झूठा केस दर्ज कराया गया है
·         यदि पत्नी पुनःविवाह करती है


·         पत्नी के पास एक निश्चित आय का स्रोत है 

यदि पत्नी के पास एक निश्चित आय का  स्रोत है तो आप को गुजरा भत्ता देने से बच सकते है यह आप को proof करना पड़ेगा कोर्ट में कि आप की पत्नी के पास एक निश्चित आय का स्रोत है। इसके लिए आप को ITR या और कोई दस्तावेज प्रयोग कर सकते है।आप की पत्नी आर्थिक रूप से सक्षम है तो आपके द्वारा न्यायिक रूप से दिए जाने वाले रकम से पूरी तरह बच सकते है।

·         अपने आय और व्यय की सही जानकारी कोर्ट को दे कर

यदि आप अपने आर्थिक स्थिति के बारे में कोर्ट को बताते है और अपने आय और व्यय का विवरण कोर्ट के सामने प्रस्तुत करते है । और इन सभी जानकारी से कोर्ट संतुष्ट हो जाता है कि आप गुजारा भत्ता देने में असक्षम है तो कोर्ट आप के पक्ष में फैसला सुना सकता है।इन सभी खर्चो में उचित खर्चो के बारे में ही बताये जो कोर्ट को उचित लगे जैसे स्वास्थ संबंधित खर्चे, कोई आप पर निर्भर है तो उसके खर्चे और इन सभी खर्चो को आप को साबित करना पड़ सकता है इस लिए वही खर्चे दिखाए जो आप साबित कर सकते है।

·         यदि पत्नी के पास  काम करने योग्य या योग्यता है

ऐसी भी स्थिति होती है कि जब पत्नी कोई नौकरी नही करती या फिर ऐसी कोई काम नही करती जिससे आय हो। लेकिन काम करने योग्य या योग्यता रखती है । यह आप को साबित करना पड़ सकता है कि आप की पत्नी शिक्षित और नौकरी करने में सक्षम है। तो यह तर्क आपके पक्ष में निर्णय देने में सहयोगी होगा। क्योंकि अदालत को यह अपेक्षा नही रहती है कि जब वह नोकरी करने योग्य है फिर वह घर क्यों बैठी है।

·         यदि पत्नी द्वारा झूठा केस दर्ज कराया गया है

यदि आप पर झूठ के आधार पर केस दर्ज हुआ है तो यह साबित करके आप दिए जाने वाले रकम से बच सकते है।

·         यदि पत्नी पुनःविवाह करती है

पत्नी की पुनःविवाह के केस में भी पत्नी को कोर्ट के आदेश से दिए जाने वाले रकम को पाने का अधिकार नही होगा। लेकिन बच्चों की देख रेख और पालन पोषण आप को ही करना पड़ेगा।

·         महत्वपूर्ण बातें जिसे आप हमेशा ध्यान रखे 

o    आमतौर पर ज्यादातर व्यक्ति यह गलती जरूर करते है कि कोर्ट के आदेश पर दिए जाने वाले रकम से बचने के लिए , अपनी नौकरी और व्यवसाय छोड़ देते है और यह सोचते है कि वह रकम देने से बच जाएंगे अगर ऐसा करेंगे तो यह दाँव उन्ही पर उल्टा पड़ जाता है । इस वजह से कोर्ट आप के खिलाफ आदेश सुना सकता है, ऐसी गलती करने से बचे। आपको  नौकरी या व्यवसाय छोड़ने से अच्छा यह है कि आप कोर्ट को यह बताये कि आप आय काम होने के कारण हम गुजारा भत्ता देने में असक्षम है और इसे साबित भी करे।
o    आप जानबूझ कर कोई गलत या अनुचित कदम न उठाए। आप को कोर्ट के प्रति ईमानदार रहना है, अपने पक्ष में आदेश को पाने के लिए कानून की न्यायिक प्रणाली का पालन करना ही एक सही तरीका है।


Suggested read:-   6 Tips to Improve Legal Drafting in hindi

                                  पुलिस के द्वारा गिरफ्तार व्यक्ति के अधिकार

                                 7 Tips for lawyer to reduce stress level and increase performance

                                  बाइक या कार चोरी होने पर क्या करे?






बुधवार, 4 दिसंबर 2019

बाइक या कार चोरी होने पर और Insurance claim जल्दी पाने के लिए क्या करे

दिसंबर 04, 2019 0

बाइक या कार चोरी होने पर क्या करे? (What to do after stolen or missing bike or car?)

जब बाइक या कार चोरी हो जाती है तो यह समझ नही आता कि क्या करे और परेशान हो जाते है । क्योंकि हम अपने खून पसीने की कमाई का हिसा अपने वाहन खरीदने में लगा देते है जो हम सभी का सपना होता है।    तो चलिए जानते है कि हम क्या करे अगर वाहन चोरी हो जाये । 


Page contents

  1. Dial 100 पर सूचना दे और F.I.R. दर्ज कराए
  2.  Insurance company को चोरी होने की सूचना दे के
  3. R.T.O. को भी सूचित करें



◆Dial 100 पर सूचना दे और F.I.R दर्ज कराए

जैसे ही हमे पता चले कि वाहन गायब है हमे तुरन्त dial 100 पर सूचना दे । अगर नो पार्किंग में गाड़ी खड़ा किया था और आप को लगता है कि ट्रैफिक पुलिस ले गई होगी तब भी आप डायल 100 पर काल करे और नजदीकी पुलिस स्टेशन में जा कर पता करे।
हम FIR दो प्रकार से कर सकते है 
  1. पुलिस स्टेशन में जा कर FIR दर्ज कराए या
  2. ऑनलाइन FIR दर्ज कर सकते है
ऑनलाइन FIR  के लिए आप को अपने राज्य  पुलिस के वेबसाइट पे जा कर दर्ज कर सकते है । दोनों प्रकार के FIR में कोई अंतर नही है । मैं आप को सलाह दूंगा की आप ऑनलाइन ही करे और FIR की कॉपी आप के ईमेल पर मिल जायेगा।
            जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी आप को पुलिस को सूचित करें यह FIR  स्वयं या किसी भी दोस्त या रिश्तेदार द्वारा दर्ज करा सकते है। यदि आप पुलिस को सूचित नही करते है तो चोरी की गई गाड़ी का इस्तेमाल किसी भी अपराध में शामिल होता है तो पुलिस द्वारा सबसे पहले आप को गिरफ्तार करेगी क्योंकि ऐसा माना जाता है कि अपराध के जिम्मेदार आप है । इन सब समस्या से बचने के लिए FIR  का इस्तेमाल आप के बचाव के सबूत के रूप में काम करेगा कि आप अपराध के जिम्मेदार नही है।
क्या सूचना पुलिस को देनी है
  1. वाहन मालिक का नाम
  2. गाड़ी का मॉडल 
  3. वाहन का नंबर
  4. किस स्थान से चोरी हुई है
  5. समय जब आप को पता चला कि वाहन चोरी हो गया है


◆  Insurance company को सूचित करें

पुलिस को सूचित करने के बाद हमे Insurance कंपनी को सूचित करना चाहिए। यह सूचना company को उनके customer care पर फ़ोन कर के या company के आफिस में जा कर Insurance Claim Form भरे और जरूरी दस्तावेज भी जमा करे। यदि आप समय पर सूचना नही देते है तो इन्शुरन्स कम्पनी आप को इन्शुरन्स क्लेम देने में आना कानी कर सकता है कि आप ने समय पर हमें सूचना नही दी । इस समस्या से बचने के लिए समय पर सूचना दे।
महत्वपूर्ण दस्तावेज जो आप को जमा करना है

  1. Insurance पॉलिसी 
  2. गाड़ी की दोनों चाभी, अगर चाभी नही है तो उसकी Missing रिपोर्ट 
  3. वाहन के मालिक का ID Proof जैसे वोटर आईडी, आधार कार्ड
  4. ओरिजनल या फोटोकॉपी RC का
  5. Untraceable report जो कोर्ट issue करेगा। जब पुलिस द्वारा वाहन नही मिल पाता है।
  6. यदि गाड़ी कमर्शियल है तो ड्राइवर से सम्बंधित पेपर और वाहन से सम्बंधित दस्तावेज जैसे वाहन का परमिट । यदि गाड़ी के साथ दस्तावेज भी चोरी हो गई है तो RTO से dublicate कॉपी ले कर जमा करे।

◆R T O को भी सूचना दे


RTO को सूचित करना साधारण केस में जरूरी नही है  केवल FIR ही काफी है। लेकिन कमर्शियल गाड़ी के लिए आप को RTO को इन्फॉर्म करना जरूरी है । यदि आप सूचना नहीं देते है तो भविष्य में गाड़ी के मालिक को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
RTO को सूचना देने के लिए आप को कुछ दस्तावेज भी देना पड़ता है जैसे
  1. FIR की कॉपी
  2. RC की कॉपी

Suggested read:- पुलिस के द्वारा गिरफ्तार व्यक्ति के अधिकार

FAQ about Insurance claim

Q. Insurance company claim नही दे रहा है तो क्या करे
Ans. यदि इन्शुरन्स कंपनी क्लेम देने में आना कानी कर रहा है तो आप consumer forum में शिकायत कर सकते है।